रिफ़ाक़त
एक उम्र निकलने को है पर अब तक मुझे कोई नहीं मिली ,
बाट ले जो मेरा कन्धा , उसे रखने की कोई नहीं मिली
क्यों ए उस को अब तक मुझसे मिलने की इज़ाज़त नहीं मिली ,
ऐसा क्या दोष है मुझमे , मेरी कौनसी है ,जो नहीं मिली
इस ज़िन्दगी में कभी मुझे एक साथी के रूप में नहीं मिली ,
जिस भी लड़की से मिलने गया , क्यों उसे मेरी शराफत नहीं मिली
जैसा हु मै वैसा ही पेश आता हु , इनको कौनसी मुझसे ही मिली
कोई तो मुझे पसंद करे , ये क्या देखती है मुझमे , क्या इनको बरामद नहीं मिली
सीरत , रंग , लम्बाई , चरित्र , दौलत , नौकरी , बोल-चाल कहा इनको शिकायत मिली
मै तो कहता भी हु खूब प्यार दूंगा आपको , क्या इनको मेरी किफ़ायत नहीं मिली
ठीक से कोई कुछ नहीं बोलती क्या इसके लिए भी कहेंगी की इनको दावत नहीं मिली ,
अगर मेरी शादी हो जाए कभी किसी लड़की से और वो मुझे बहुत सारा प्यार करे ,
मै समझूंगा मुझे इससे बड़ी कभी कोई नहीं मिली
- गौतम पात्र
f - 4:00 am


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