फ़िरदौस

                   




   


फ़िरदौस            



मुश्तरी हो गए मनमोहक  फ़िरदौस  में  आकर 
खुशबुए कहा तक जाएँगी , हमे  तो सभी  फूल चाहिए


( मुश्तरी - ख़रीददार )  ( मनमोहक - आकर्षक) (  फ़िरदौस-वाटिका, बाग)


मालूम है सिर्फ देख सकते है यहाँ आकर ,
किसी और का है तो क्या  , हमे तो केवल यही गुल  चाहिए 

( गुल  - पुष्प, फूल )


सिर्फ देखकर कैसे उठा ले जायेंगे हम महक इनकी ,
हर्ज़ नहीं कीमत का , सिर्फ  मालिक की  मकबूल  चाहिए 

( मकबूल -स्वीकृत)


ये दस्तियाब   है इर्द-गिर्द   तो   दवा सा स्वस्थ रखती है ,
ये बताओ कैसे ख़रीदे इनको , ना  देना हमे , ना  हमे कोई जुल   चाहिए 

( दस्तियाब -available) ( जुल  - झाँसा, चकमा )



ये बहिश्तों  से भेजे उपहार लगते है  , आम फूलो से कोई तुलना ही नहीं 
कौन है इसका बाग़वान  , कुल   के गमलो में ऐसे मृदुल चाहिए 

(  बहिश्तों  - स्वर्ग, जन्नत ) ( कुल - वंश )


दरख़ास्त है   इन्हें  बेच दें हमे , आपकी खिदमत  हुजुर  होगी
गैर क़ानूनी का अडंगा   ना डालिए , हमे ये मूल   चाहिए ही चाहिए 

( अडंगा - रुकावट )




                      - गौतम पात्र 

f -  2 : 21 am 

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