इंकिशाफ़

             

                                  



                                  इंकिशाफ़


जुर्म करने वालो अब तुम्हारा हर ख़राब हो जाएगा 
राज एक दिन टूट के बरसेगा की सबकुछ  हो जाएगा 

झूट जितना भी बोलो साबित एक दिन अपराध हो जाएगा 
हत्यारो कही भी छुपाओ तुम खून , हर पहलु  हो जाएगा 

दारोगा हो या हो कोई सरकार खरीद लो सभी को , पर सच तुमसे ना ख़रीदा जाएगा 
तत्यों को तहस नहस कर दिए तो क्या , हर गुनाह  एक दिन  हो जाएगा 

जितनी बेईमानी , जितनी  ताकत लगालो सब बर्बाद हो जाएगा 
अब जनता खिलाफ हो गयी है , दूर दूर की दुर्घटना    हो जाएगा 

चैन की नींद अब तुम भूल जाओ , जल्द तुम्हारा बुरा वक्त शुरू हो जायेगा 
जितना भी अपना घिनौना मुह बंद रख लो , हर भेद तुम्हारा  हो जाएगा 

झूट को शय कोई नहीं देता , भागो जितना भागना है , आसमान भी कम पड़ जाएगा ,
तुम्हारा बदला जो भी था , पर अब हर बदला  हो जाएगा 


तुम भोले और इमानदारो का क़त्ल करते हो , फासी का फंदा  बाकायदा सजा तैयार हो जाएगा ,
अब हर जांच की तफ्तीश होगी , हर नाइंसाफी का हो जाएगा 

     
                     - गौतम पात्र 


f - 4 : 57 am


                          
                     
गौतम पात्र 




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